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Weather Update हरियाणा के इन 184 गांवों में बारिश से फसलों में नुकसान, स्पेशल गिरदावरी के आदेश

हरियाणा (haryana) में इस बार मॉनूसन (monsoon) काफी मेहरबान नजर आया है। बारिश (barish) ने एक तरफ जहां लोगों को गर्मी से राहत देने का काम किया वहीं दूसरी ओर उमड़ घुमड़ रहे बादलों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। जानकारी के अनुसार हरियाणा के काफी इलाकों में फसले पूरी तरह से नष्ट हो गई है। जिसको लेकर डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला (depty cm dushyant chautala) द्वारा स्पेशल गिरदावरी (special girdawari) के आदेश दे दिए गए है। आइए जानते है हरियाणा के किन गांवों में होगी गिरदावरी और कितना मिलेगा मुआवजा
 
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Weather Update हरियाणा के इन 184 गांवों में बारिश से फसलों में नुकसान, स्पेशल गिरदावरी के आदेश

News Hindi Live] हरियाणा पर मॉनसून पूरी तरह मेहरबान है। लगातार छठे दिन उमड़-घुमड़ रहे बादलों से किसानों की चिंता बढ़ी हुई है, क्योंकि 7 जिलों की 78 हजार एकड़ से  ज्यादा में खड़ीं कई फसलें पानी में डूबी हुई हैं। जहां एक सप्ताह से पानी भरा है, वहां फसलें खराब हो चुकी हैं। ज्यादा प्रभावित जिलों में हिसार, फतेहाबाद, कैथल, जींद, भिवानी, सिरसा व झज्जर (Hisar, Fatehabad, Kaithal, Jind, Bhiwani, Sirsa and Jhajjar) शामिल हैं। सबसे ज्यादा नुकसान धान, कपास, ज्वार व बाजरा में हुआ है। अब किसानों ने राज्य सरकार से गिरदावरी कराकर मुआवजा देने की मांग की है। इधर, डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने सोमवार को 5 अगस्त से गिरदावरी के आदेश दे दिए हैं। सबसे ज्यादा हिसार के 35 गांवों में करीब 24 हजार एकड़ भूमि जलमग्न है। यहां कपास-नरमा व धान को नुकसान हुआ है। इसके अलावा सिरसा में कपास पानी में डूबी हुई है।

 


कहां कितनी फसल जलमग्न

जिला           गांव            एकड़
हिसार            35           24000
सिरसा           10           21000
फतेहाबाद।     20          16000
भिवानी।         12            7200
कैथल             25            4520
जींद               48            5100
झज्जर            34              210
कुल               184        78030

 

सिरसा: 10 गांवों की 20 हजार एकड़ फसल डूबी, घग्गर ड्रेन टूटने से 500 एकड़ में जलभराव

सिरसा • पिछले दो दिन से हुई बरसात से 10 गांव जलमग्न हैं, हिसार घग्गर ड्रेन टूटने से गांव गुड़ियाखेड़ा के पास 500 एकड़ में खड़ी कॉटन की फसल डूबी है। चौपटा एरिया की 20 हजार एकड़ की फसलों में जलभराव है। ग्रामीण पंप सेट लगाकर पानी निकाल रहे हैं। जिला के अधिकारी मौके का निरीक्षण करके पानी निकासी करवाने मदद कर रहे हैं। चौपटा तहसील के गांव गुड़ियाखेड़ा, दड़बा, नाथसुरी कलां, तरकांवाली, लुदेसर, ढुकड़ा, निर्बान, रूपाना, शाहपुरिया में जलभराव हुआ है।


अब सेटेलाइट से मिलेगी प्रदेश में जलभराव की रिपोर्ट
राजस्व विभाग ने जिलों में हुए जलभराव की रिपोर्ट हरसेक से मांगी है। प्रदेश में अब जहां भी जलभराव होगा, उसकी रिपोर्ट राजस्व विभाग के पास 24 घंटे में पहुंच जाएगी। सेटेलाइट के जरिए तस्वीरें ली जाएंगी और ये तुरंत विभाग के पास पहुंच जाएंगी। राजस्व विभाग ने इसके लिए योजना तैयार कर ली है और जल्द ही आला अधिकारियों के साथ बैठक होगी। राजस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास ने निर्देश दिए हैं कि बरसात के कारण जहां भी जलभराव की स्थिति बनती है, वहां तुरंत संपर्क किया जाए। अब तक विभाग पटवारियों की रिपोर्ट पर निर्भर रहता था। इसके चलते मुख्यालय तक जलभराव की रिपोर्ट देरी से पहुंचती रही है।


किसान हर बार करते थे देरी से रिपोर्ट भेजने की शिकायत
किसान लगातार शिकायत करते हैं कि उनके खेतों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है, लेकिन कोई मदद करने नहीं आ रहा। इससे कई दिनों से फसल पानी में डूबी हुई है। अब जैसे ही सेटेलाइट से तस्वीर विभाग को मिलेगी, तुरंत संबंधित इलाके के डीसी, तहसीलदार या अन्य अधिकारियों से संपर्क किया जाएगा।


7 दिन में देनी होगी रिपोर्ट
योजना के अनुसार हर सप्ताह जिले में बरसात से हुए नुकसान, कितना एरिया प्रभावित हुआ है, कहां पर जलभराव है। कितने जल की निकासी हुई है, कितनी फसल खराब हुई है। कितने किसान इससे प्रभावित हुए हैं। यह रिपोर्ट हर सप्ताह जिला मुख्यालय से स्टेट मुख्यालय तक जाएगी, जिससे किसानों को लाभ होगा।


इन 4 जिलों से मांगी रिपोर्ट
राजस्व विभाग के अनुसार पिछले दिनों से हो रही बरसात के कारण प्रदेश के कई इलाकों में जलभराव की सूचनाएं आ रही हैं। राजस्व विभाग के एसीएस ने हिसार, भिवानी, जींद, झज्जर जिलों से रिपोर्ट मांगी है। यहां पर किसानों की फसल को लेकर भी जानकारी मांगी गई है। कितनी आबादी में जलभराव है। इसकी रिपोर्ट मांगी गई है।