logo

Panchayat Chunav गांवों की सरकार चुनने की बारी • पंचायती राज चुनाव को लेकर आया अपडेट

हरियाणा (haryana) में डेढ़ साल के इंतजार के बाद आखिरकार पंचायत चुनाव (panchayat chunav) को लेकर रास्ता साफ होता दिख रहा है। सूत्रों की मानें तो हरियाणा में पंचायती चुनावों को लेकर अगले महीने में शंखवाद हो सकता है।

 | 
Panchayat Chunav जानिए हरियाणा में कब होंगे पंचायत चुनाव, आया अपडेट

News Hindi Live] प्रदेश में डेढ़ साल की देरी के बाद आखिर गांव की सरकार चुनने का वक्त आ गया है। सरकार ने चुनाव कराने का वक्त 30 सितंबर तक निर्धारित कर दिया है। यानी, इस दिन से पहले गांवों को नई सरकार मिल जाएगी। 10 अगस्त के बाद पंचायती राज चुनाव का शंखनाद हो सकता है, क्योंकि 8 अगस्त से संभावित 3 दिन का विधानसभा का मॉनसून सत्र रह सकता है।

 

इसके बाद ही आयोग चुनाव की घोषणा करेगा। दरअसल, चुनाव कराने में 25 दिन का समय चाहिए। इसलिए चुनाव सितंबर में ही होने की संभावना है। चुनाव दो फेज में हो सकते हैं। एक फेज में जिला परिषद और पंचायत समितियों के तो दूसरे फेज में पंच-सरपंच के चुनाव हो सकते हैं। पहली बार 50 फीसदी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगी। हालांकि, इस आरक्षण का मामला हाईकोर्ट में है। अगर चुनाव के बाद फैसला आरक्षण के नियमों के खिलाफ आया तो चुनाव रद्द करने पर पड़ सकते हैं।


किस पद के लिए कितनी सीटें
पद                           सीटें
जिप सदस्य               412
पंचायत समिति          3100
सरपंच                      6228
पंच                          62080


मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन हुआ
जिलों में मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन शुक्रवार को किया गया, जो अगले सप्ताह तक आयोग को मिलेगी। इसके बाद तय होगा कि कितने बूथ बनेंगे, क्योंकि आयोग ने निर्देश दिए हैं कि एक हजार वोटर पर एक बूथ बनाया जाएगा।

 


78 हजार ईवीएम मंगवाई थी, 5 हजार यूपी ने वापस ली।
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से चुनाव के लिए 78 हजार ईवीएम मंगवाई गई थी, लेकिन इनमें 5 हजार ईवीएम यूपी ने वापस ले ली है। जिलों में ईवीएम जा चुकी हैं। 2016 में हुए चुनाव में जिला परिषद सदस्य और सरपंच पद के लिए ईवीएम से चुनाव कराए गए थे। सिर्फ रेवाड़ी और पंचकूला जिले में पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव ईवीएम से हुए थे। इस बार पूरे राज्य में पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव भी ईवीएम से कराने की तैयारी है। सिर्फ पंचों के चुनाव बैलेट पेपर से होंगे।

नए नियमों को हाईकोर्ट में चुनौती मिलने से चुनाव में देरी हुई।
• सरकार ने 50% सीटें महिलाओं व 8% ओबीसी के लिए तय कर कानून बना दिया, जिसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। अब कुछ समय पहले हाईकोर्ट ने कहा कि नए नियमों से चुनाव करा सकते हैं, लेकिन यह चुनाव फैसले पर निर्भर रहेगा। यानी, सरकार के नियमों के खिलाफ फैसला आया तो चुनाव रद्द भी हो सकते हैं।

• ओबीसी के 8% आरक्षण से संबंधित मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा था। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग गठित करे और उसकी रिपोर्ट के आधार पर फिर सीटें तय करें। इसलिए प्रदेश में ओबीसी को इस चुनाव में 8 प्रतिशत आरक्षण नहीं मिलेगा, क्योंकि आयोग का गठन हाल ही में किया गया है।

चुनाव के फेज बढ़े तो लगेगा और समय
विभाग ने सूचना जारी की है। हमें चुनाव के लिए 25 दिन चाहिए होते हैं। देखना होगा कि चुनाव कितने फेज में होते हैं। यदि फेज बढ़ते हैं तो थोड़ा समय लग सकता है।
 धनपत सिंह, राज्य निर्वाचन आयुक्त