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Drone किसानों को अब स्प्रे ड्रम से मिलेगी निजात, ड्रोन से होगा कीटनाशक का छिड़काव

Drone subsidy बदलते डिजिटल युग के साथ अब खेती भी डिजिटल होती दिखाई दे रही है। आने वाले दिनों में किसानों को स्पे ड्रम (spay drum) से निजात मिलने वाली है। खेती में आए इस डिजिटल बदलाव के बाद अब खेतों में कीटनाशक (insecticide) का छिड़काव किसान नहीं बल्कि ड्रोन (drone) करेगा। 
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Drone किसानों को अब स्प्रे ड्रम से मिलेगी निजात, ड्रोन से होगा कीटनाशक का छिड़काव

News Hindi Live] आने वाले दिनों में फसलों पर कीटनाशकों का छिड़काव ड्रोन से किया जाएगा। इसके लिए कृषि विभाग की टीम ने एक हजार एकड़ जमीन पर लगी धान की फसल पर ड्रोन से छिड़काव का निर्णय लिया है। इसके जरिए ट्रायल के साथ किसानों को ड्रोन से छिड़काव की जानकारी दी जाएगी। किसानों को ड्रोन खरीदने के लिए इसी आधार पर सब्सिडी मिलेगी। रतिया में किसानों को डेमों भी दिखाया गया। गुड़गांव की निजी कृषि कंपनी के ड्रोन ऑपरेटर प्रदीप ने बताया कि ड्रोन को आम किसान व मजदूर लायक आसानी से चला सकते है।

इससे किसानों का काम जल्दी निपटेगा। किसानों को स्प्रे पंप की डोली व ड्रम लेकर खेत में नहीं जाना पड़ेगा। इससे किसानों का काम सरल होगा। इससे अकेला किसान सैंकड़ों एकड़ फसल में कीटनाशक का छिड़काव कर सकता है। कृषि विभाग के ब्लाक अधिकारी संदीप सिंह ने बताया कि ड्रोन से कीटनाशक छिड़काव को लेकर उनसे एक हजार एकड़ जमीन का डाटा मांगा है।

 

अब स्प्रे के प्रभाव से किसानों और मजदूरों की बचेगी जान
पंप व ड्रम से स्प्रे के दौरान काफी बार कीटनाशक के प्रभाव से किसानों व मजदूरों की जान चली जाती है। हर साल कई खेतीहर इसके प्रभाव से जान गवां बैठते है। स्प्रे पंप को पीठ पर लादने से कई किसान व मजदूर परेशान होने के कारण पीठ के दर्द की बीमारी का शिकार हो जाते है।
ड्रम से कई एकड़ तक पाइप खींच कर ले जाने से भी परेशानी होती है। स्प्रे के प्रभाव से बचने के लिए उन्हें बार-बार नींबू पानी का इस्तेमाल व अपने हाथ, मुंह, आंख को ढ़क कर रखना पड़ता है। कीटनाशक के प्रभाव में आने से वे सिर दर्द, अलर्जी व अन्य बीमारियों को शिकार हो जाते है। छिड़काव के लिए किसानों का काफी समय बर्बाद हो जाता है। किसानों व मजदूरों की जान बचाने के लिए ही ड्रोन विधि को लाया गया है। इससे कीटनाशक व पानी की भीबचत होगी।

 

7 मिनट में 1 एकड़ में होगा छिड़काव
विभाग के अनुसार ड्रोन से सात मिनट में एक एकड़ फसल पर कीट नाशक का छिड़काव हो जाएगा। ड्रोन के टैंक में 10 लीटर पानी ले जाने की क्षमता है। खास बात है कि अकेला किसान दूर कमरे में बैठ कर ड्रोन को रिमोट से कंट्रोल कर सकता है। इससे समय, लेबर व पानी के साथ कीटनाशक की भी बचत होगी। ड्रोन की खास बात ये है कि से हर फसल के उपर तीन फुट की ऊंचाई पर उड़ेगा जिससे दवा व्यर्थ नहीं जाएगी। इसमें सेंसर लगे होने के कारण आगे दीवार, बिजली का पोल या अन्य बाधा आने वार उनसे टकराने की बजाय अपना रुख बदल लेगा जिससे ड्रोन को नुकसान नहीं होगा।