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mausam ki jankari हरियाणा के कई इलाकों में जलभराव, स्पेशल गिरदावरी और मुआवजे का आश्वासन

Haryana weather update प्रदेश में वीरवार और शुक्रवार को हुई तेज बारिश (heavy rain) ने किसानों के सपने पर पानी फेर दिया। भारी बारिश (barish) के कारण हरियाणा (haryana) के कई इलाकों में जलभराव देखा जा सकता है। जिसको लेकर प्रदेश सरकार द्वारा इन इलाको में स्पेशल गिरदावरी (special girdawari) और मुआवजे का आश्वसान दिया गया है। 
 
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mausam ki jankari हरियाणा के कई इलाकों में जलभराव, स्पेशल गिरदावरी और मुआवजे का आश्वासन

News Hindi Live] प्रदेश सरकार ने बारिश से होने वाले जलभराव की निकासी के लिए पूरे प्रबंध करने का दावा किया है। सीएम मनोहर लाल ने गुरुवार को हरियाणा निवास में हरियाणा किसान कल्याण प्राधिकरण की बैठक के बाद पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए कहा कि बरसात से होने वाले अतिरिक्त जलभराव की निकासी के प्रदेश सरकार ने पूरे प्रबंध किए गए हैं,

 

किसी भी किसान की वर्तमान में बोई गई फसल को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा और अगली फसल की समय पर बिजाई करने में भी परेशानी नहीं आने दी जाएगी। इधर, पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरकार के दावों को नकारते हुए निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कैथल, हिसार, भिवानी, अम्बाला सिरसा, रोहतक, जींद, सोनीपत, कुरुक्षेत्र, करनाल, और फतेहाबाद समेत प्रदेश के कई इलाकों में किसान जलभराव की समस्या का सामना कर रहे हैं। किसानों की हजारों एकड़ फसल जलमग्न हो गई है।

हफ्तेभर से ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद सरकार ने जल निकासी के लिए कोई कदम नहीं उठाए। पिछले कुछ दिनों की बारिश के चलते धान, कपास और ज्वार की हजारों एकड्डू फसल को भारी नुकसान पहुंचा है आने वाले दिनों में तेज बारिश का अनुमान है। ऐसे मे किसानों को डर है और  विकराल रूप ले सकती है। हालात इसी तरह बने रहे तो मौसम की मार और सरकार की अनदेखी के चलते किसान की फसल का बड़ा हिस्सा पानी की भेंट चढ़ जाएगा। इससे धान, कपास, गन्ना व ज्वार समेत अन्य फसलों के उत्पादन पर बड़ा असर पड़ेगा। पहले ही किसान भारी नुकसान में है। सरकार को तुरंत गिरदावरी करवाकर किसानोंको मुआवजा देना चाहिए

 

डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि प्रदेश में जिन-जिन क्षेत्रों में जलभराव हुआ है, वहां राज्य सरकार द्वारा स्पेशल गिरदावरी करवाकर उचित मुआवजा किसानों को दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बार जरूरत से ज्यादा बरसात हुई है। मानते है कि झज्जर, हिसार, जींद सहित प्रदेश के अन्य कई जिलों में भारी बरसात के कारण किसानों के खेतों में जलभराव हुआ है, लेकिन जल्द इसको लेकर सरकार प्रभावित जिलों में स्पेशल गिरदावरी करवाकर किसानों को उचित मुआवजा देगी। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस का अंत निकट आ चुका है और अब कांग्रेस चाहे कितना भी चिंतन-मंथन कर ले। कांग्रेसी नेताओं की गड़बड़ियों की जांच हो रही है, जिसके खिलाफ कांग्रेसी धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं जो कि उचित नहीं है।

किसान बोले- समय रहते इंतजाम किए होते तो ये नौबत ही नहीं आती


जिलेभर के करीब 90 गांवों में जलभराव की स्थिति बन रही है। जिला राजस्व विभाग की ओर से फसल बर्बादी और जलभराव का भी आंकलन नहीं हुआ। किसानों का कहना है कि यदि अगले 5 से 7 दिन में पानी की निकासी नहीं होती है। तो फसल बर्बाद हो जाएगी। गांव चिड़ी में 700 एकड़ से ज्यादा जमीन पर जलभराव है। महम में बारिश के बाद क्षेत्र के गांव खरक, बैंसी, अजायब, भराण, गिरावड, बलंभा, मोखरा व फरमाणा के तकरीबन 800 एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई। किसानों का कहना है कि प्रशासन ने यदि पहले मोटर पंप लगाकर पानी निकासी के इंतजाम किए होते तो ये नौबत ही नहीं आती। नायब तहसीलदार दीपक ने बताया कि वे खुद कई जगहों पर निरीक्षण करने गए थे। मोटर पंप लगाकर पानी निकलवाया जा रहा है।

  

कैथल : बारिश से जिले के निचाईवाले 22 गांवों के खेतों में जलभराव होने से करीब 4 हजार एकड़ में खड़ी धान, कपास व ज्वार की फसल नष्ट हो गई। अब भी खेतों में 2 से 3 फीट तक पानी भरा हुआ है। लोगों को कहना है कि जिला प्रशासन को इस समस्या का स्थाई समाधान करना चाहिए।

हिसार : जिले में कही ड्रेनों व्यवस्था नहीं है तो कहीं पर सेम ने मार दिया है इस कारण एरिया में 15 गांव में लगभग 5000 एकड़ रकबा किसानों का बर्बाद हो गया है प्रशासन दावा कर रहा है कि पानी निकासी के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, लेकिन अभी तक किसानों की फसलों में ज्यों का त्यों पानी खड़ा है।